Mother’s day special (अनपढ़ माँ की जिद्द ने बनाया आईएएस)

अहमदाबाद के प्रकाश कंवर को अपने अनपढ़ होने का मलाल था , लेकिन साधरण परिस्थित में गुजर बसर करते हुए आज अपनी बेटी डॉ. रतन कंवर को आईएएस बना देखकर वे गौरवान्वित है |

 

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रतन कंवर ने पहले अपनी मेहनत से MBBS की डिग्री हासिल की और फिर UPSC की परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल करने में कामयाब रही |

रतन कंवर बचपन से ही पढाई में होशियार रही | 10 वीं और 12 वीं में उसने 91% से भी ऊपर अंक प्राप्त किया था | उसने MBBS करने के बाद IAS करने की ठानी | उसका कहना था की आईएएस बन के माँ का वर्षों पुरानी इच्छा पूरी करनी है |

रतन कंवर ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ को देते हुए कहा “डॉक्टर बनने के पहले और UPSC की परीक्षा के दौरान ऐसा लगता था , जैसे माँ को ही परीक्षा देनी है | वे मेरे साथ पूरी रात जागती थी , आज मेरी माँ सफल गो गई”

 

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माँ तो आखिर माँ होती है, हर माँ के दिल में एक अभिलाषा और आँखों में एक प्यास होती है कि उसका बच्चा सफल हो जाए| हर माँ यही सोचती है की उसका बच्चा सफल होकर कुछ बने जिससे की उसका और उसके परिवार का नाम रोशन हो सके |

लेकिन कई बच्चे ऐसे होते है जो की अपनी माँ की भावना को नहीं समझ पाते हैं | वे अपनी माँ के आँखों का प्यास नहीं देख पाते है | वे उनकी अभिलाषा की पूर्ति नहीं कर पाते|

इसका कारण सिर्फ एक है – और वह कारण यह है, कि जब आप छोटे से छोटे सफलता प्राप्त करते हैं तो आप उस वक्त ये अनुभव नही कर पाते हैं, कि आप की माँ इस छोटे से सफलता से कितनी खुश हो रही है |

 

जिस दिन आप को यह अनुभव हो गया समझो आपने अपने आगे की सफलता का मार्ग स्वयं खोल दिया है  और यही होता था रतन कंवर के साथ भी वह अपनी माँ के अनुभूति को बहुत समीप से अनुभव करती थी और एक के बाद एक सफलता प्राप्त करती रही ||

 

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