Category Archives: मुखपृष्ठ

एक कड़वी सच्चाई

*नदी तालाब में नहाने में शर्म आती है, और स्विमिंग पूल में तैरने को फैशन कहते हैं.* गरीब को एक रुपया दान नहीं कर सकते, और वेटर को टिप देने में गर्व महसूस करते हैं. *माँ बाप को एक गिलास … Continue reading

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Mother’s day special( माँ, तो महान होती है )

एक बार की बात है | एक जंगल में आम का एक बरा पेड़ था | एक प्यारा बच्चा रोज उस पेड़ पर खेलने आया करता था | वह कभी पेड़ की डाली तोड़ता कभी आम तोड़ता और उचल कूद … Continue reading

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Mother’s day special ( माँ की ममता अनलोम )

    एक औरत थी, जो अंधी थी | जिसके कारण उसके बेटे को स्कुल में बच्चे चिढाते थे , कि अंधा का बेटा आ गया ! हर बात में उसे यह सुनने को मिलता था की यह अंधी का … Continue reading

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“कोई भी कार्य करने से पहले दो मिनट रूककर सोच लेना”

एक युवक ने विवाह के दो साल बाद प्रदेश जाकर व्यपार करने की इच्छा अपने पिता से कही | पिता ने आज्ञा दे दी तो वह अपनी गर्भवती पत्नी को माँ के जिम्मे छोड़कर व्यपार करने चला गया |   … Continue reading

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Motivational thought image

         

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अच्छी पढाई को Time Management जरुरी

अच्छी पढाई को Time Management जरुरी अच्छी पढाई के लिए जरुरी है , कि अपने समय का प्रभावी तरीके से उपयोग करें | आमतौर पर देखा जाता है कि students पढाई के लिए इतना हार्ड रूटीन बना देते हैं , … Continue reading

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महाशिवरात्रि व्रत का फल

पूर्व काल में चित्रभानु नामक एक शिकारी था | वह किसी शाहुकर से ऋण भी लिया था | पर उसका ऋण समय पर न चुका सका | शाहुकर ने उस शिकारी को ऋण न चुकाने के कारण एक शिव मंदिर … Continue reading

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भारत के बारे में स्वामी विवेकानन्द के विचार

समस्त संसार हमारी मातृभूमि का ऋणी है | किसी भी देश को लीजिए , इस जगत में एक भी जाति ऐसा नही है , जिसका संसार उतना ऋणी हो , जितना कि वह यहाँ के धैर्यशील और विनम्र हिन्दुस्तान का … Continue reading

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चन्द्रगुप्त की जीवन कथा

चन्द्रगुप्त की जीवन कथा समा्ट चन्द्रगुप्त मौर्य का शासनकाल 325 ई० पूर्व माना जाता है | चन्द्रगुप्त को राज्य गद्दी पर बैठने का पूरा श्रेय चाणक्य को जाता है | नन्द वंश का नवां नन्द राजा महानंद शक्तिशाली और विशाल … Continue reading

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दूध और पानी की मित्रता

  दूध ने पानी से मित्रता की और उसमें समा गया..| जब दूध ने पानी का समर्पण देखा तो कहा मित्र तुम ने अपने स्वरूप का त्याग कर मेरे स्वरूप को धारण किया …| अब मैं भी मित्रता निभाऊंगा और … Continue reading

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