Monthly Archives: February 2017

स्वामी विवेकानन्द के विचार

एक विचार ले लो | उसी के अपने जीवन को बनाओ ; उसी को सोचो , उसी का स्वप्न देखो और उसी पर अवलम्बित रहो | अपने मस्तिष्क , मांसपेशियों, शरीर के प्रत्येक भाग को उसी विचार से ओतप्रोत होने … Continue reading

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महाशिवरात्रि व्रत का फल

पूर्व काल में चित्रभानु नामक एक शिकारी था | वह किसी शाहुकर से ऋण भी लिया था | पर उसका ऋण समय पर न चुका सका | शाहुकर ने उस शिकारी को ऋण न चुकाने के कारण एक शिव मंदिर … Continue reading

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भारत के बारे में स्वामी विवेकानन्द के विचार

समस्त संसार हमारी मातृभूमि का ऋणी है | किसी भी देश को लीजिए , इस जगत में एक भी जाति ऐसा नही है , जिसका संसार उतना ऋणी हो , जितना कि वह यहाँ के धैर्यशील और विनम्र हिन्दुस्तान का … Continue reading

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