Menu

Month: November 2016

बसंती हवा

  हवा हूँ , हवा मैं बसंती हवा हूँ | सुनो बात मेरी – अनोखी हवा हूँ|  बड़ी बावली हूँ

हिमालय का संदेश

  खड़ा हिमालय बता रहा है | डरो ना आंधी पानी से || खड़े रहो तुम अविचल होकर | सब

खेत में गड़ाधन

  सुन्दरपुर गाँव में रामदीन नाम का एक किसान रहता था | उसके चार बेटे थे | रामदीन स्वंय तो

बीज

  किसी नदी के किनारे एक बीज पड़ा था | वह बहुत छोटा था , वहाँ एक चिड़ीया आई |

सबसे पीछे रहने वाले एक बालक-ऐल्बर्ट आइंस्टाइन

सबसे पीछे रहने वाले एक बालक-ऐल्बर्ट आइंस्टाइन   सबसे पीछे रहने वाले एक बालक ने अपने गुरु से पूछा ‘श्रीमान

योग्य चुनाव

  राजा मंगलसेन के मंत्री जगतराम बूढ़े हो चुके थे | उन्होंने स्वयं को सेवामुक्त करने को विनती की |

चन्द्रगुप्त की जीवन कथा

चन्द्रगुप्त की जीवन कथा समा्ट चन्द्रगुप्त मौर्य का शासनकाल 325 ई० पूर्व माना जाता है | चन्द्रगुप्त को राज्य गद्दी

अकल की दुकान

एक था रौनक। जैसा नाम वैसा रूप। अकल में भी उसका मुकाबला कोई नहीं कर सकता था। एक दिन उसने

रोटी का सफर

मां मुझे रोटी दो। अरे बेटा आकर ले जाओ। ठीक है। अक्षत ने कहा। पर यह क्या हुआ, जैसे मैं

अपना दीपक बनो

दो यात्री धर्मशाला में ठहरे हुए थे। एक दीप बेचने वाला आया। एक यात्री ने दीप खरीद लिया। दूसरे ने