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Month: September 2016

खुशी हमारे मन में होती है.

जंगल में एक कौआ रहता था जो अपने जीवन से पूर्णतया संतुष्ट था. लेकिन एक दिन उसने बत्तख देखी और

जीवन जीने के तरीकें

एक व्यक्तित्व विकास की कक्षा में प्रोफेसर समय प्रबन्धन पर अपना भाषण देने जा रहे थे | प्रोफेसर महोदय चाहते

सोच-विचारकर

एक बनिया था। भला था। भोला था। नीम पागल था। एक छोटी सी दुकान चलाता था, दाल, मुरमुरे, रेवड़ी जैसी

बचत और समझदारी

विधवा कमला देवी अपनी दो पुत्रियों के साथ बड़ी गरीबी में दिन बिता रही थी। अब तक जो भी जमा-पूँजी

भाग्यशाली होने की सूचना

गरमियों की एक सुबह घनिष्ठ मित्र तोताराम और कल्लू एक जंगल में गए। सहसा उन्हें कोयल की कुहुक सुनाई पड़ी।

समय का महत्व

बात साबरमती आश्रम गाँधीजी के प्रवास के दिनों की है | एक दिन गावं के कुछ लोग बापू के पास

इंसानियत

एक समय की बात है एक छोटा सा गाँव था जहाँ के लोग रोजमर्रा के कामों व अपने शांत वातावरण

भाग्यशाली

गरमियों की एक सुबह घनिष्ठ मित्र तोताराम और कल्लू एक जंगल में गए। सहसा उन्हें कोयल की कुहुक सुनाई पड़ी।

ज्ञान का प्यासा

उन दिनों महादेव गोविंद रानडे हाई कोर्ट के जज थे। उन्हें भाषाएँ सीखने का बड़ा शौक था। अपने इस शौक

सिंहासन बत्तीसी की पहली पुतली

एक  समय की बात है|  राजा भोज को बहुत बड़ा सिंघासन मिला जिसमे बत्तीस पुतलिया लगी थी | जब राजा