Monthly Archives: July 2016

बहुत से लोग… हीरे जैसे होते है !

एक राजमहल में कामवाली और उसका बेटा काम करते थे. एक दिन राजमहल में कामवाली के बेटे को हीरा मिलता है. वो माँ को बताता है. कामवाली होशियारी से वो हीरा बाहर फेककर कहती है ये कांच है हीरा नहीं. … Continue reading

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बन्दर और टोपी

एक व्यापरी गाँव में घूम –घूम कर टोपी बेंचा करता था | एक दिन कराके की धुप में टोपीवाला प्यास से विलविला रहा था , इधर उधर देखने पर थोरी दूर आगे उसे एक  नदी दिखाई दी | उस नदी … Continue reading

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वर्तमान परिवेश और स्त्री

“नारी तुम केवल श्रद्धा हो” “विश्वास नग पग ताल में पियूष स्रोत – सी बहा करो जीवन के सुन्दर समतल में |” जयशंकर प्रशाद जी ने कहा है कि नारी का इस स्रष्टि में आगमन पियूष की जीवनदायिनी यात्रा से … Continue reading

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सच्चा प्रेम

एक बार की बात है | नारद जी भगवान श्रीकृष्ण से बोले, प्रभु आपको तीन रानी तथा इतनी पटरानियाँ है, फिर भी आप सब से ज्यादा प्यार राधा जी को ही क्यों करते हैं | भगवान श्रीकृष्ण बोलें नारद समय … Continue reading

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विवाह |

आज विक्रम काफी व्यस्त है | आज रति का विवाह है | जिसके प्रबंधन की सारी जिम्मेदारी विक्रम पर है| रति और उसका परिचय उसी के महाविधालय के एक कार्यक्रम में हुआ था | दोनों उस कार्यक्रम में प्रतिभागी थे … Continue reading

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सास और बहू |

सुनंदा अपने पिता की इकलौती बेटी थी, नाम के मुताबिक देखने में भी बहुत सुन्दर थी | जब वह अपने ससुराल गयी तो उसे उसके मुताबिक ही सब कुछ मिला | किन्तु आज कल की लड़कियों को अधिक टोकना समझाना … Continue reading

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मिट्टी और कुम्हार

मिट्टी ने कुम्हार से कहा – “मुझे ऐसा पात्र बना दीजिए” जो अपने में शीतल जल भरकर  ‘प्रियतम’ के होठो से लग सके कुम्हार ने कहा – यह तभी संभव हैं, जब तुम फावड़े से खुदने , गधे पर चढने … Continue reading

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गलत फहमी |

  एक लड़का को कॉलेज जाते हुए यह महसूस हुआ की उसे किसी प्यार हो गया हैं| इस क्रम में अब वह कॉलेज में उस लड़की की तलास में लग गया की आखिर मुझे किससे प्यार हुआ हैं| अब वह … Continue reading

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बकरी का बच्चा |

किसी जंगल में एक बकरी अपने दो छोटे – छोटे बच्चो के साथ रहती थी. एक दिन बकरी ने अपने दोनों बच्चो से बोली आज में जंगल में  घास खाने जा रही हूँ. तुम दोनों यही पर रहना किन्तु बकरी … Continue reading

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प्यारी सुलो |

सुलेखा को अपनी सौतेली माँ के ताने बहुत झेलने परते थे| किन्तु वह कभी घबराती नहीं थी। सुलेखा कॉलेज जाने से पहले घर के सारे कार्य को वह निपटा के ही जाती थी और आने के बाद भी निपटाती थी।  मानब … Continue reading

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