Menu

हिमालय का संदेश

 

खड़ा हिमालय बता रहा है |

डरो ना आंधी पानी से ||

खड़े रहो तुम अविचल होकर |

सब संकट तूफानी में ||

डिगो ना अपने प्रण से |

Related image

तो तुम सब कुछ पा सकते हो ||

तुम भी ऊँचे उठ सकते हो |

छु सकते हो नभ के तारे ||

अचल रहा है जो अपने पथ पर |

लाख मुसीबत आने में ||

मिली सफलता जग में||

उसको जीने में मर जाने में ||

 

 

1 thought on “हिमालय का संदेश”

  1. RoshanPreakesh says:

    acchi kavita hai…. very nice

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *