सच्ची लगन

 

जूनुन जब हद से गुजरता है तो जन्म होता है रामानुज जैसे इन्सान का | उन्हों ने कभी हार नही मानी और दिन रात मेहनत करके गणित के नये नये फार्मूले निकाले | उनके गणित के सूत्र इसने जटिल हैं जितने कि आज कल के टेक्नोलॉजी में भी प्रयोग नही होते हैं |

 

इनके जीवन की एक घटना है , एक बार जब मास्टर जी क्लास में भाग विधी सीखा रहे थे | तो उन्होंने पूछा यदि 3 आम को तीन बच्चो में बाँट दिया जाए तो सबको कितना मिलेगा | एक बच्चे ने जबाब दिया सर 1 | बिल्कुल सही जबाब अब यदि 100 आम को 100 बच्चों में बाँट दिया जाएगा तो सब को कितना – कितना मिलेगा | सब ने जबाब दिया सर 1 | हाँ || बिल्कुल सही जबाब |

उसी बीच में बैठा था – रामानुज  उसने प्रश्न किया सर यदि 0 आम को 0 बच्चे में बाँट दिया जाएगा तब भी क्या 1 ही होगा | पुरे क्लास उन पर हंसने लगी पर मास्टर जी अवाक रह गए |

यह बात उनके भी दिमाग में प्रश्नों का समुद्र बनाकर रख दिया | इसी बाद को सिद्ध करने में कई वर्ष लग गया कि 0/0 = infinite होता है | “वह व्यक्ति थे रामानुज जिनकी जज्बा लगन और जूनुन की मिसाल को पूरी दुनिया जानती है” ||

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