पराई होती है बेटियाँ !!!!

 

Image result for ये पराये घर से आई है

चिड़ियाँ होती है  लाड़कियाँ ,  ………. मगर

पंख नहीं होते लाड़कियों के …..!

मायके भी होते हैं ,

ससुराल भी होते हैं , मगर !

घर नहीं होते हैं लाड़कियों के …..

मायका कहता है , ये बेटियाँ तो पराई है ,

ससुराल कहता है , ये पराये घर से आई है ,

ऐ खुदा अब तू ही बता …..आखिर ,

ये बेटियाँ किस घर के लिए बनाई है ?

This entry was posted in हिंदी कविता. Bookmark the permalink.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


*