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तोते की कहानी |

एक बार एक धनवान व्यक्ती, बाजार में गया तो उसने देखा की एक व्यक्ति तोता बेच रहा है | धनवान व्यक्ती ने तोतों की कीमत के बारे में पूछा तो उस व्यक्ति ने बताया की यह तोता जिसका नाम ज्ञानी है यह १००० एवं यह दूसरा तोता जिसका नाम ध्यानी है , यह १०० का ही है| धनवान व्यक्ती ने पूछा भैया कीमत में इतना अंतर कैसे है तो, उसने कहा की यह ज्ञानी बहुत ज्ञानी है , इसकी जानकारी बहुत है , यह दुनिया के बारे में काफी अधिक जानकरी रखता है | जबकि  यह दूसरा जो ध्यानी है, जो धर्म की बात ज्यादा करता है, इसे दुनिया की जानकरी कम है | धनवान व्यक्ती दोनों पक्षियों को अपने साथ ले गया | कुछ दिनों के बाद उस व्यक्ती ने उस तोते की परिक्षा लेने का विचार बनाया | उसने ज्ञानी से अमेरिका के बारे में पूछा,  ब्रिटेन के बारे में पूछा, तो उसने सभी का जबाब सही सही दिया | फिर उसने ज्ञानी से धर्म की कुछ प्रश्न किए तो, उसका जबाब संतोषजनक नहीं थी | धनवान व्यक्ती ने जब ध्यानी से अमेरिका, ब्रिटेन के बारे में पूछा तो ध्यानी की जानकारी बहुत कम एवं अधूरी थी , लेकिन धर्म के सम्बन्ध में बहुत विस्तृत जानकारी थी |

शिक्षा =>> उक्त दोनों पक्षियों के सन्दर्भ में यदि हम विचार करें तो हम कह सकते है कि दोनों की जानकारी अपने- अपने क्षेत्र में विशिष्ट हैं, खरीदने वाला व्यक्ती यदि सन्त होता तो वह ध्यानी के लिए १००० दे सकता था |

इस कहानी का तात्पर्य यह है की यदि आज आपको उचित सम्मान प्राप्त नहीं है तो इसका अर्थ है की आप परिस्थितिवश सही स्थान पर नहीं हो या सही व्यक्ती के पास नही हो |  कहतें हैं, की हीरे की परख तो जैहरी ही कर सकता है आप जैसे हीरे की परख के लिए जैहरी जैसे आँखें चाहिए |

 

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2 thoughts on “तोते की कहानी |”

  1. Pratibha says:

    Thanks. very interesting.

  2. Alok Kumar says:

    Yes

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