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चाणक्य परिचय

महापण्डित आचार्य चाणक्य जो विश्व विख्यात ग्रन्थ कौटिल्य अर्थशास्त्र के रचयिता  हैं  को सता परिवर्तन  करने वाले महान राजनीतीज्ञ के रूप में भी जाना जाता है | उन्होंने नन्द वंश के उस समय के सर्वशक्तिशाली राजा महानंद का विनाश करके उस राज्य पर अपना अनुयायी , शिष्य चन्द्र गुप्त मौर्य को प्रतिष्ठित किया | चाणक्य अपने समय के महाविव्दान पण्डित आचार्य चनक के पुत्र थे | चनक के ज्ञानी , तेजस्वी पुत्र होने के कारण ही उन्हें चाणक्य कहा जाने लगा | उनका वास्तिवक नाम विष्णुगुप्त था उनके आठ नाम का उल्लेख उनके ग्रंथो में मिलता है | अपनी कौटिल्य नीति के कारण इन्हें मुख्य रूप से कौटिल्य नाम से जाना गया है |

कौटिल्य अर्थशास्त्र वास्तव में विशद ग्रन्थ है , जिसमें राज्य राजा जनता , विधान , तथा समाज, के नियमो की व्याख्या की गई है | दूरदर्शी चाणक्य को इस बात का ज्ञान था , कि समय के काल चक्र के साथ राज्य और समाज की व्यवस्थाएं बदलती रहेंगी | ऐसा भी समय आयेगा जब की राजशाही टूटने पर समाज की व्यवस्था और विधान बदलती रहेगी | इस समय उनकी चाणक्य नीति की उपयोगिता हर किसी के लिये हितकर रहेगी | कैसे भी समाज की व्यवस्था बनती रहे , पर इस समाज में मानव तो रहेगा , मानव बिना समाज की कल्पना निरर्थक हैं – जब तक धरती पर मानव रहेगा, उनकी चाणक्य निति की उपयोगता बनी रहेगी क्योंकि चाणक्य नीति मानव को सही मानव बनने का ज्ञान प्रदान करती है |  

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