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अवसर की पहचान

एक गरीब किसान था, उसे एक दिन भगवान मिले और बोलें, मैं तुम से बहुत प्रसन्न हूँ | अतः तुम मुझसे कोई एक वर मांगो, किसान को कुछ समझ में नहीं आया की , मैं कौन से वर मांगू | उस किसान ने भगवान से बोला, भगवन मैं घर जा कर विचार करता हूँ | भगवान बोले ठीक है |
उस किसान ने घर जा कर सारी बात अपनी पत्नी और माँ को बताया | उसकी पत्नी बोली हमें कोई संतान नहीं है, क्यों ना हम भगवन से पुत्र मांग ले उस किसान ने बोला ये तो सही है, लेकिन हम बहुत गरीब हैं | हमारे पास रहने के लिए घर भी नहीं है | क्यों न घर ही मांग ले | लेकिन उसकी पत्नी बोली – नहीं पुत्र मांगो , उस किसान को समझ नहीं आया की दोनों में से क्या मांगू | उस किसान ने अपनी माँ से बोला – माँ आप ही बताओ, हमें क्या मांगना चाहिए | उसकी की दोनों आँखे नहीं थी, वह देख नहीं सकती थी | कुछ विचार कर ने के बाद किसान की माँ बोली बेटा जब तुम्हेँ भागवान मिले तो उन्हें कहना कि – “प्रभु मेरी माँ की इच्छा है की वह अपने पोते को सोने की कटोरी में दूध भात खाते देखे” यही एक वरदान तुम भगवान से मांग ले ना | उस किसान ने वैसे ही भगवान से बोला | और अपने माँ के कहे अनुसार एक ही वर से सब कुछ आप लिया |
शिक्षा =>>> हमारे जीवन में कई ऐसे मौके आते हैं | जब हम सब कुछ पा सकते हैं | लेकिन इसके लिये जरुरी है कि हमें अवसर की सही पहचान होनी चाहिए | क्योंकि एक बार जो समय बीत जाता वह पुनः लौट कर नहीं आता |

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1 thought on “अवसर की पहचान”

  1. Rusty says:

    Great inhtisg! That’s the answer we’ve been looking for.

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